- विश्व रक्तदाता दिवस पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हुआ रक्तदान शिविर
- नाबार्ड के सहयोग से मध्यप्रदेश के चार विशिष्ट उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त
- जैपुरिया इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न; वर्ष 2026 का बैच दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार
- Jaipuria Indore Celebrates 14th Convocation; Batch of 2026 Set to Lead the World
- Welcome To The Jungle Trailer Trends #1 Across Languages on YouTube, Film Clinches No.1 Spot on IMDb’s List of TOP 10 Most-Anticipated Indian Films
देखभाल पर निर्भर हमारे दांतों की उम्र
इंडेक्स इंस्टीट्यूट द्वारा दंत परीक्षण शिविर में दी जानकारी
इंदौर. इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस के प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग द्वारा प्रोस्थोडोंटिस्ट डे के अवसर पर दांतों के रखरखाव के प्रति जागरुकता लाने के लिए विभिन्ना स्थानों पर कई आयोजन किए गए। इसमें बुजुर्गों के दांतों की जांच करने से लेकर युवाओं को दांतों की देखभाल करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन डेंटल कॉलेज प्रोस्थो डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने किया l
इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस के प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग का एक कार्यक्रम दूधिया के वृद्धाश्रम परिसर में रखा गया। यहां हुए निशुल्क जांच शिविर में बुजुर्गों के दांतों की जांच की गई और उन्हें दांतों की बीमारी से बचने और इलाज संबंधी जानकारी प्रदान की गई। यहां बुजुर्गों को बताया गया कि वे किस तरह छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर अपने दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
बुजुर्गों को डेंचर क्लिंजिंग किट का निशुल्क वितरण
इसके साथ ही टिगरिया गोगा गांव में भी निशुल्क दंत परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यहां बुजुर्गों को कृत्रिम दांत लगवाने, दांत बदलवाने और दूसरे इलाज के बारे में बताया गया। दोनों ही स्थानों पर बुजुर्गों को डेंचर क्लिंजिंग किट निशुल्क प्रदान की गई। ताकि वे अपने दांतों की देखभाल अच्छी तरह कर सके।
जानकारी का अभाव पड़ता है भारी
शिविर में विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और युवाओं को बताया कि हमारे दांतों की उम्र रखरखाव पर निर्भर करती है। दांतों और मसूड़ों की देखभाल, इलाज और रिप्लेसमेंट को लेकर कई लोगों में जानकारी का अभाव है। सही जानकारी नहीं होने के कारण वे समय पर इलाज नहीं ले पाते और उनकी समस्या बढ़ती चली जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि जो समस्या बेहद कम समय और खर्च में दूर हो सकती थी, उसके समाधान के लिए ज्यादा समय, श्रम और धन खर्च करना पड़ता है।
मरीज को ज्यादा परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि अलग-अलग समस्याओं के समाधान और बीमारी के इलाज के लिए विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज शुरू किया जाए। सावधानियां बताने के साथ ही शिविर में मौजूद लोगों को कृत्रिम दांत लगवाने, बत्तीसी बनवाने सहित अन्य बिंदुओं की भी जानकारी दी गई। ताकि वे जागरुकता के साथ निर्णय लेकर इलाज प्राप्त कर सके।
वृद्धाश्रम परिसर व ग्रामीण क्षेत्र में रखे गए निशुल्क दंत परीक्षण शिविर में मालवांचल युनिवर्सिटी के प्रोचांसलर डॉ. रामगुलाम राजदान, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जीएस पटेल, इंंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर आरएस राणावत, डेंटल कॉॅलेज डीन डॉ. सतीश कालिंधकर, वाइस डीन डॉ. रोली अग्रवाल, प्रशासक डॉ. चित्रा खिड़वड़कर, एडिशनल डायरेक्टर आरसी यादव सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर्स, स्टूडेंट्स और स्टाफ के लोग मौजूद थे।


